हाइपोस्पेडियास रिपेयर: स्थिति और उसके उपचार को समझें

Hypospadias एक सामान्य जन्मजात स्थिति है जो लड़कों में पाई जाती है। इसमें मूत्रमार्ग (यूरिथ्रा) का छिद्र, जिससे पेशाब बाहर निकलता है, लिंग के सिरे पर होने के बजाय उसके नीचे की ओर होता है। यह समस्या गर्भावस्था के दौरान तब होती है जब मूत्रमार्ग और फोरस्किन (अग्रचर्म) का विकास सामान्य रूप से नहीं हो पाता। हाइपोस्पेडियास की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि मूत्रमार्ग का छिद्र कहाँ स्थित है।

हाइपोस्पेडियास के प्रकार

मूत्रमार्ग के छिद्र की स्थिति के आधार पर हाइपोस्पेडियास को तीन प्रकारों में बांटा जाता है:

  • डिस्टल हाइपोस्पेडियास: छिद्र लिंग के सिरे के पास होता है। यह सबसे सामान्य प्रकार है।
  • मिडशाफ्ट हाइपोस्पेडियास: छिद्र लिंग के मध्य भाग (शाफ्ट) पर होता है।
  • प्रॉक्सिमल हाइपोस्पेडियास: छिद्र लिंग के आधार या अंडकोष के पास होता है और यह अधिक गंभीर प्रकार माना जाता है।

कुछ बच्चों में इसके साथ अन्य समस्याएँ भी हो सकती हैं, जैसे लिंग का नीचे की ओर मुड़ना (कॉर्डी) या फोरस्किन का अधूरा होना, जिससे लिंग का ऊपरी हिस्सा ढका हुआ दिखाई देता है।

हाइपोस्पेडियास के लक्षण

हाइपोस्पेडियास के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • लिंग के नीचे की ओर मूत्रमार्ग का छिद्र होना
  • इरेक्शन के समय लिंग का मुड़ जाना (कॉर्डी)
  • फोरस्किन का अधूरा या हुड जैसा दिखाई देना
  • पेशाब का छिड़काव होना या धार का असामान्य होना
  • बड़े बच्चों में खड़े होकर पेशाब करने में कठिनाई

अधिकतर मामलों में हाइपोस्पेडियास का पता जन्म के तुरंत बाद नवजात की शारीरिक जांच के दौरान चल जाता है।

कारण और जोखिम कारक

हाइपोस्पेडियास का सटीक कारण हमेशा स्पष्ट नहीं होता, लेकिन कुछ कारक इसके विकास में योगदान दे सकते हैं:

  • आनुवंशिक (जेनेटिक) कारण
  • गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल प्रभाव
  • परिवार में पहले से हाइपोस्पेडियास का इतिहास
  • माँ की उम्र 35 वर्ष से अधिक होना
  • गर्भावस्था के दौरान कुछ पर्यावरणीय कारकों के संपर्क
निदान

हाइपोस्पेडियस का निदान आमतौर पर नवजात शिशु की जांच के दौरान बाल रोग विशेषज्ञ द्वारा किया जाता है। मध्यम या गंभीर मामलों में स्थिति के प्रकार और गंभीरता को समझने के लिए पीडियाट्रिक सर्जन या पीडियाट्रिक यूरोलॉजिस्ट द्वारा आगे की जांच की जा सकती है।

यदि अन्य जन्मजात समस्याओं का संदेह न हो तो अतिरिक्त जांच आमतौर पर आवश्यक नहीं होती।

हाइपोस्पेडियास रिपेयर

Hypospadias Repair एक शल्य चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मूत्रमार्ग के छिद्र को सही स्थान पर लाना और लिंग की संरचना को सामान्य बनाना होता है। इस सर्जरी का मुख्य लक्ष्य मूत्रमार्ग का छिद्र लिंग के सिरे पर बनाना, लिंग की वक्रता को ठीक करना और सामान्य कार्य व स्वरूप सुनिश्चित करना है।

आमतौर पर ये सर्जरी बच्चे का स्कूल शुरू होने से पहले 4 साल की उम्र तक करवा लेनी चाहिए।

सर्जरी की प्रक्रिया

यह सर्जरी सामान्य एनेस्थीसिया के तहत की जाती है। सर्जरी के दौरान सर्जन स्थानीय ऊतकों का उपयोग करके मूत्रमार्ग का पुनर्निर्माण करते हैं और यदि लिंग में वक्रता हो तो उसे भी ठीक करते हैं। अधिकांश मामलों में यह सर्जरी एक ही चरण में पूरी हो जाती है, लेकिन गंभीर मामलों में दो या अधिक चरणों में भी करनी पड़ सकती है।

रिकवरी और भविष्य

सर्जरी के बाद कुछ समय के लिए एक छोटा कैथेटर या स्टेंट लगाया जाता है, जिससे मूत्र आसानी से बाहर निकल सके और मूत्रमार्ग ठीक से भर सके। कुछ दिनों तक हल्की सूजन या असहजता सामान्य होती है। माता-पिता को सर्जरी वाले स्थान की सफाई रखने, डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएँ देने और नियमित फॉलो-अप कराने की सलाह दी जाती है।

समय पर उपचार होने पर अधिकांश बच्चों में सामान्य रूप से पेशाब करने की क्षमता और लिंग का सामान्य स्वरूप प्राप्त हो जाता है। शुरुआती अवस्था में पीडियाट्रिक सर्जन द्वारा सही मूल्यांकन और उपचार बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने में मदद करता है।

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