बच्चों में पित्ताशय की पथरी — क्या सर्जरी ज़रूरी है?
पित्ताशय की पथरी को अक्सर बड़ों की बीमारी माना जाता है, लेकिन यह बच्चों में भी हो सकती है। जब पता चलता है कि बच्चे को पथरी है, तो माता-पिता के लिए यह चिंता की बात हो सकती है। सबसे पहला सवाल होता है: क्या सर्जरी करनी पड़ेगी?
इसका उत्तर बच्चे के लक्षण, जोखिम कारक और पथरी पित्ताशय को कितनी प्रभावित कर रही है, इस पर निर्भर करता है।
पित्ताशय की पथरी क्या है?

पित्ताशय (गॉलब्लैडर) लिवर के नीचे स्थित एक छोटा अंग है जो पित्त (बाइल) नामक द्रव को जमा करता है। यह वसा को पचाने में मदद करता है। कभी-कभी यह द्रव सख्त होकर छोटे-छोटे कंकड़ जैसे टुकड़ों में बदल जाता है, जिन्हें पथरी कहा जाता है।
किसी बच्चे में एक पथरी हो सकती है, तो किसी में कई।
बच्चों में पथरी क्यों बनती है?
कुछ कारण जोखिम बढ़ा सकते हैं:
- खून की बीमारियाँ जैसे सिकल सेल रोग
- मोटापा या तेजी से वजन कम होना
- कुछ संक्रमण
- लंबे समय तक दवाओं का उपयोग
- परिवार में इतिहास
- पित्त की संरचना में बदलाव
लेकिन कई बार कोई स्पष्ट कारण नहीं मिलता।
माता-पिता किन लक्षणों पर ध्यान दें

कई बार पथरी कोई लक्षण नहीं देती और किसी अन्य जांच के दौरान पता चलती है।
जब लक्षण होते हैं, तो इनमें शामिल हो सकते हैं:
- पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द
- दर्द जो कुछ मिनट तक रह सकता है
- दर्द पीठ या कंधों के बीच फैल सकता है
- दर्द का आना-जाना
- तैलीय भोजन के बाद बढ़ना
- मतली या उल्टी
- संक्रमण होने पर बुखार
- जटिल स्थिति में पीलिया
छोटे बच्चों को दर्द की सही जगह बताना मुश्किल हो सकता है।
पथरी की पहचान कैसे होती है?
सबसे सामान्य जांच है अल्ट्रासाउंड। इससे पित्ताशय की तस्वीर बनती है और डॉक्टर पथरी देख सकते हैं।
कुछ मामलों में नलियों में रुकावट या कार्यक्षमता देखने के लिए अन्य जांच भी की जा सकती हैं, जैसे एब्डॉमिनल एक्स-रे।
कब पथरी खतरनाक हो सकती है?
जब पथरी नली में फंस जाती है, तो हो सकता है:
- कोलेसिस्टाइटिस (Cholecystitis)– पित्ताशय में सूजन/संक्रमण

- पैंक्रियाटाइटिस (Pancreatitis)– अग्न्याशय की सूजन
- पित्त (bile) के बहाव में रुकावट
ऐसी स्थिति में तुरंत इलाज जरूरी है।
क्या सर्जरी हमेशा जरूरी होती है?
नहीं।
यदि पथरी से कोई परेशानी नहीं है, तो डॉक्टर सिर्फ नियमित निगरानी की सलाह दे सकते हैं।
लेकिन सर्जरी की जरूरत पड़ती है अगर:
- दर्द बार-बार हो
- संक्रमण हो जाए
- पीलिया या पैंक्रियाटाइटिस जैसी समस्या हो
- रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो
सर्जरी क्या होती है?
इस ऑपरेशन को कोलेसिस्टेक्टॉमी कहते हैं, यानी पित्ताशय को निकालना।
पित्ताशय के बिना भी बच्चा सामान्य जीवन जी सकता है। पित्त सीधे लिवर से आंत में चला जाता है।
कुछ बच्चों को तैलीय खाने के बाद ढीला पेट हो सकता है, पर ज्यादातर को कोई परेशानी नहीं होती।
आजकल अधिकतर सर्जरी लैप्रोस्कोपिक होती है:
- छोटे चीरे
- कम दर्द
- कम समय अस्पताल में
- जल्दी स्कूल और खेल में वापसी
- बहुत छोटे निशान
जटिल मामलों में ओपन सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
सर्जरी के बाद रिकवरी
बच्चे जल्दी ठीक होते हैं:
- 1–2 दिन में घर जा सकते हैं
- हल्की गतिविधियाँ जल्दी शुरू
- खाना धीरे-धीरे सामान्य
- कुछ हफ्तों में पूरी रिकवरी
डॉक्टर घाव की देखभाल और गतिविधियों के बारे में मार्गदर्शन देंगे।
माता-पिता के लिए आश्वासन
सर्जरी का नाम डरावना लग सकता है, लेकिन पित्ताशय निकालना बच्चों में एक सुरक्षित और नियमित प्रक्रिया है। इलाज के बाद दर्द और भविष्य के अटैक का खतरा खत्म हो जाता है।
यदि बच्चे को बार-बार भोजन के बाद पेट दर्द हो, तो देरी न करें। समय पर जांच बड़ी समस्या को रोक सकती है।
Gallstone Care at Kidsurg Clinic – भरोसेमंद विशेषज्ञ देखभाल
किडसर्ज क्लिनिक में डॉ. डी. भादू बच्चों में पित्ताशय की पथरी के इलाज में अनुभवी हैं। सर्जरी से लेकर जटिल समस्याओं जैसे लिवर, बाइल डक्ट या पैंक्रियास से जुड़ी स्थितियों तक, आपके बच्चे को सम्पूर्ण विशेषज्ञ देखभाल मिलती है।
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डॉ. डी. भडू (Dr. D. Bhadoo) — बच्चों की सामान्य और आपातकालीन सर्जरी के विश्वसनीय विशेषज्ञ
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